हलधर किसान (बिहार )। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में फर्जी तरीके से लाभ लेने के मामले थमते नजर नही आ रही है। देश के कई राज्यों में आए दिन फर्जीवाडे उजागर हो रहे है। अब बिहार के जहानाबाद और मुजफ्फरपुर जिले में बड़ा घोटाला सामने आया है।
गलत कागजात प्रस्तुत कर योजना का लाभ लेने वाले लाभुकों पर विभाग ने अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग द्वारा लाभुकों के खाते को पैन व आधार कार्ड से लिंक कराने पर इस फर्जीवाड़े का राजफाश हुआ है।
जहानाबाद जिले के 1321 किसान फर्जी तरीके से पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ उठा रहे थे। तो वही मजफ्फरपुर में करीब 18 करोड़ की राशि का पीएम किसान सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा हुआ है। यहां 11 हजार 600 के अपात्र लोगों ने गलत तरीके से इस योजना का लाभ उठा लिया। इन लोगों पर अब प्रशासन ने कार्रवाई की शुरुआत कर दी है।
पैन कार्ड व आधार से इन किसानों की चोरी पकड़ी गई। योजना शुरू होने से अब तक जहानाबाद में किसानों के द्वारा केंद्र सरकार को एक करोड़ 87 लाख चार हजार रुपये का चुना लगाया जा चुका है। ये लोग गलत कागजात प्रस्तुत कर पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ उठा रहे थे। मुजफ्फरपुर में करीब 18 करोड़ की राशि का फर्जीवाडा है।
11 हजार 600 के अपात्र लोगों ने गलत तरीके से इस योजना का लाभ उठा लिया। इन लोगों पर अब प्रशासन ने कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। इनसे पैसे भी वापस लिए जा रहे हैं!
करोड़ो में दिया लाभ, लाखों में हुई वसूली
कृषि अधिकारी संजय कुमार ने बताया मामला उजागर होने पर जहानाबाद में अबतक सात लाख 30 हजार रुपये की वसूली फर्जी किसानों से की जा चुकी है। आरटीआर दाखिल करने वाले किसान भी इस योजना का लाभ उठा रहे थे।
इनके अलावा, पति के साथ पत्नी व बच्चे भी किसान बनकर योजना का लाभ ले रहे थे। नियमानुसार, किसान परिवार में एक घर से एक ही सदस्य को योजना का लाभ दिया जाना है। मुजफ्फरपुर में नोटिस के बाद सिर्फ 22 लाख रुपया वापस हुआ है।
कृषि विभाग के मुताबिक राशि वापस नहीं करने वालों का बैंक अकाउंट होल्ड किया जा सकता है। इसके अलावा इन पर कानूनी केस दर्ज किया जा सकता है।
क्या है पीएम किसान योजना
केंद्र सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना 24 फरवरी वर्ष 2019 में शुरू की थी। योजना के तहत किसानों को साल भर में तीन किस्त में कुल छह हजार की राशि दी जाती है। प्रत्येक किस्त में दो.दो हजार की राशि किसानों के खाते में भेजी जाती है।
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